संत ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट पर भाजपा विधायक का नाम: केस दर्ज
राजस्थान (Rajasthan) के जालोर में एक संत, रविनाथ (Ravinath) ने पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। मामला जमीनी विवाद का बताया जा रहा है। बता दे कि आश्रम के संतों ने स्थानीय भाजपा विधायक (BJP MLA) पूराराम चौधरी (Puraram Chaudhary) पर साधु को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। वहीं, पूर्व प्रधान रमिला मेघवाल ने भी विधायक पर साधु को धमकाने का आरोप लगाया है। संत का शव 26 घंटे तक पेड़ से लटका रहा। उसके बाद जाकर प्रशासन और संत के परिजनों के बीच समझौता हुआ और फिर संत के शव को पेड़ से उतारा गया है और अब शव की मुक्ति की तैयारी की जा रही है।
यह पूरा मामला राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल इलाके का है। आरोप है कि भीनमाल से विधायक पूराराम ने अपने रिसोर्ट बनवाने के लिए संत रविदास के आश्रम में जाने वाले रास्ते को ही खुदवा दिया था। रास्ते में खाई खुदवाने से आश्रम जाने का रास्ता ही बंद हो गया था। बता दे कि इसे लेकर दोनो पक्षों में पहले भी विवाद हुए थे। वहीं गुरुवार रात भी खुदाई की गई थी और इसी कारण देर रात संत ने खुदकी जान दे दी। शुक्रवार सवेरे उनके शव को पेड़ से लटका पाया गया था। वहीं, पुलिस पर सुसाइड नोट छुपाने का आरोप लगाते हुए साधु-संतों ने पेड़ पर लटके साधु की बॉडी को उतारने से इनकार कर दिया है। लेकिन बाद में प्रसाशन और संत के परिजनों के बीच समझौता करके शव को उतारा गया।
वहीं मृतक ने सुसाइड नोट में जमीन को लेकर भीनमाल से भाजपा विधायक पूराराम चौधरी पर परेशान करने के आरोप लगाया था।
बता दे कि घटना के तीन दिन पहले विधायक ने अपने लोगों को आश्रम में खाई खोदने भेजा था। उन्होंने आश्रम के पास कुछ खुदाई भी की। इसके बाद से साधु रविनाथ परेशान थे और आत्महत्या कर ली। सूचना के बाद एडीएम राजेंद्र सिंह, सांचौर डीएसपी रूप सिंह इंदा सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंची पुलिस ने साधु के सुसाइड नोट को जब्त कर लिया। इसे किसी को भी नहीं दिखाया गया।
वहीं स्थानीय विधायक पूराराम चौधरी का कहना है कि इस पूरे मामले में उनका हाथ नहीं हैं। उन्होंने जो भी कुछ किया वह उनकी खुद की जमीन पर किया है। बता दे कि पुलिस ने भाजपा विधायक और उनके चालक समेत दो अन्य पर सुसाइड़ के लिए उकसाने, धमकी देने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
महिमा शर्मा
Sandhya Halchal News